“साँवले सपनों की याद” Class 9 Hindi Kshitij Chapter 4 पुस्तक का एक महत्वपूर्ण पाठ है, जिसे प्रसिद्ध लेखक जाबिर हुसैन ने लिखा है। यह पाठ महान पक्षी-विज्ञानी डॉ. सालिम अली के जीवन, उनके प्रकृति-प्रेम और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
इस लेख में हम साँवले सपनों की याद के सभी महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर सरल और परीक्षा-उपयोगी भाषा में प्रस्तुत कर रहे हैं, जो Class 9 Hindi NCERT Solutions की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए अत्यंत सहायक है।

sawle sapno ki yaad question answer | छोटे उत्तर
यहाँ NCERT Solutions – Class 9 Hindi (क्षितिज) Chapter 4 “साँवले सपनों की याद” के पूरे स्टडी नोट्स (PDF-जैसी तैयारी) दे रहा हूँ, जो परीक्षा + होमवर्क दोनों के लिए उपयोगी हैं।
📘 पाठ का नाम
साँवले सपनों की याद
लेखक – जाबिर हुसैन
मुख्य पात्र – डॉ. सालिम अली (प्रसिद्ध पक्षी-विज्ञानी)
✍️ पाठ का सारांश (Summary)
यह पाठ भारत के महान पक्षी-विज्ञानी डॉ. सालिम अली के जीवन, उनके प्रकृति-प्रेम और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पण पर आधारित है। बचपन में एक घायल गौरैया ने उनके जीवन की दिशा बदल दी। वे जीवनभर पक्षियों और प्रकृति की रक्षा के लिए कार्य करते रहे। लेखक ने उनके व्यक्तित्व, संघर्ष और सपनों को भावनात्मक रूप से प्रस्तुत किया है।
📌 प्रश्न-उत्तर (NCERT Solutions)
प्रश्न 1. किस घटना ने सालिम अली के जीवन की दिशा बदल दी?
उत्तर: बचपन में सालिम अली की एयरगन से एक गौरैया घायल हो गई। उसकी देखभाल करते समय उनके मन में पक्षियों के प्रति प्रेम जागा और वही उन्हें पक्षी-विज्ञानी बनने की प्रेरणा बना।
प्रश्न 2. सालिम अली ने पूर्व प्रधानमंत्री के सामने पर्यावरण से जुड़े किन खतरों की ओर संकेत किया होगा?
उत्तर: उन्होंने केरल की साइलेंट वैली परियोजना से पर्यावरण और पक्षियों पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की ओर ध्यान दिलाया होगा।
प्रश्न 3. फ्रीडा लॉरेंस ने गौरैया के बारे में ऐसा क्यों कहा?
उत्तर: क्योंकि लॉरेंस का पक्षियों से गहरा लगाव था और वे उनके साथ समय बिताते थे, इसलिए गौरैया उनके जीवन की साक्षी थी।
प्रश्न 4. आशय स्पष्ट कीजिए—
(क) वे लॉरेंस की तरह नैसर्गिक जीवन का प्रतिरूप बन गए थे।
उत्तर: सालिम अली भी लॉरेंस की तरह प्रकृति से जुड़े, सरल और स्वाभाविक जीवन जीते थे।
(ख) कोई शरीर की गर्मी और धड़कन देकर भी उसे लौटाना चाहे…
उत्तर: मृत व्यक्ति को जीवित नहीं किया जा सकता, इसलिए उसके सपने अधूरे रह जाते हैं।
(ग) टापू बनने की बजाय अथाह सागर बनकर उभरे।
उत्तर: वे सीमित न रहकर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में व्यापक योगदान देने वाले बने।
प्रश्न 5. लेखक की भाषा-शैली की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
- भावनात्मक भाषा
- मिश्रित शब्दावली
- चित्रात्मक वर्णन
- विचारात्मक गहराई
प्रश्न 6. सालिम अली के व्यक्तित्व का वर्णन कीजिए।
उत्तर: वे प्रकृति-प्रेमी, सरल, जिज्ञासु और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पित व्यक्ति थे।
प्रश्न 7. “साँवले सपनों की याद” शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: यह शीर्षक सालिम अली के अधूरे सपनों और प्रकृति के प्रति उनके आजीवन समर्पण की याद दिलाता है।
प्रश्न 8. आप पर्यावरण संरक्षण के लिए क्या कर सकते हैं?
उत्तर: पेड़ लगाना, प्लास्टिक कम करना, जल-वायु प्रदूषण रोकना, पशु-पक्षियों की रक्षा करना।
class 9 hindi chapter 4 question answer | बड़े उत्तर
यहाँ NCERT Solutions — Class 9 हिंदी क्षितिज (Kshitij) — अध्याय 4: साँवले सपनों की याद के मुख्य प्रश्न-उत्तर (Homework/प्रश्न-अभ्यास) सरल और परीक्षा-अनुकूल रूप में दिए हैं 👇 (ncert-solutions)
📌 प्रश्न 1: किस घटना ने सालिम अली के जीवन की दिशा बदल दी और उन्हें पक्षी-प्रेमी बना दिया?
🅐 उत्तर: बचपन में सालिम अली की एयरगन से एक गौरैया घायल हो गई। उस गौरैया की देखभाल और उसके जीवन के बारे में जानने की कोशिश ने उनके मन में पक्षियों के प्रति गहरा प्रेम जगा दिया और वे बाद में प्रसिद्ध पक्षी-प्रेमी बन गए।
📌 प्रश्न 2: सालिम अली ने पूर्व प्रधानमंत्री के सामने पर्यावरण से संबंधित कौन-से संभावित खतरों का चित्र खींचा होगा?
🅐 उत्तर: उन्होंने केरल की साइलेंट वैली के पर्यावरण पर होने वाले खतरों पर ध्यान दिलाया होगा, जिससे प्रकृति और पक्षियों के जीवन को नुकसान हो सकता था।
📌 प्रश्न 3: लॉरेंस की पत्नी फ्रीडा ने ऐसा क्यों कहा होगा: “मेरी छत पर बैठने वाली गौरैया लॉरेंस के बारे में ढेर सारी बातें जानती है”?
🅐 उत्तर: क्योंकि लॉरेंस पक्षियों और प्रकृति से अत्यंत प्रेम करते थे और गौरैया के साथ घंटों बिताते थे। यह बताता है कि लॉरेंस का पक्षियों से कितना गहरा जुड़ाव था। )
📌 प्रश्न 4: आशय स्पष्ट कीजिए:
(क) वे लॉरेंस की तरह नैसर्गिक जिंदगी का प्रतिरूप बन गए थे।
🅐 उत्तर: लॉरेंस प्रकृति से गहरा लगाव रखते थे और साधारण, प्राकृतिक जीवन जीते थे। सालिम अली भी इसी तरह पक्षियों और प्रकृति से जुड़े रहे।
(ख) कोई अपने शरीर की गर्मी और दिल की धड़कन देकर भी उसे लौटाना चाहे तो वह पक्षी अपने सपनों के गीत कैसे गा सकेगा!
🅐 उत्तर: इसका आशय है कि मृत व्यक्ति को जीवित नहीं किया जा सकता, इसलिए वह अपने सपनों को फिर से नहीं गा सकता।
(ग) सालिम अली प्रकृति की दुनिया में एक टापू बनने की बजाए अथाह सागर बनकर उभरे थे।
🅐 उत्तर: इसका आशय है कि वे सीमित होकर नहीं रहे, बल्कि अपने ज्ञान और अनुभव को विस्तृत कर प्रकृति और पक्षियों के लिए व्यापक योगदान देने वाले व्यक्ति थे।
📌 प्रश्न 5: इस पाठ के आधार पर लेखक की भाषा-शैली की चार विशेषताएँ बताइए।
🅐 उत्तर:
- मिश्रित शब्दावली – उर्दू, तद्भव, तत्सम् शब्दों का सुंदर सम्मिलन।
- मुहावरों का प्रयोग – भावों को जीवंत बनाता है।
- जटिल वाक्य-रचना – गहराई और प्रभाव के लिए।
- भावानुकूल भाषा – पाठ की भावनाओं के अनुरूप शब्दों का चयन।
📌 प्रश्न 6: सालिम अली के व्यक्तित्व का अपने शब्दों में वर्णन कीजिए।
🅐 उत्तर: वे प्रकृति-प्रेमी और पक्षी-प्रेमी थे। आँखों पर दूरबीन लगाए रखते थे और कठिन-कठिन स्थानों पर भी पक्षियों की खोज तथा संरक्षण के लिए यात्रा करते थे। उनका स्वभाव सरल, सहज और समर्पित था।
📌 प्रश्न 7: “साँवले सपनों की याद” शीर्षक की सार्थकता पर टिप्पणी कीजिए।
🅐 उत्तर: यह शीर्षक सालिम अली के उन सपनों की ओर संकेत करता है — पक्षियों और प्रकृति के प्रति उनकी गहरी आकांक्षा और यादें — जो आज भी उनके प्रेम की याद दिलाते हैं।
📌 प्रश्न 8: प्रस्तुत पाठ में सालिम अली की पर्यावरण के प्रति चिंता व्यक्त होती है। पर्यावरण को बचाने के लिए आप क्या योगदान दे सकते हैं?
🅐 उत्तर:
- ✔ पेड़-पौधे लगाएँ और उनकी रक्षा करें।
- ✔ प्लास्टिक के उपयोग को कम करें।
- ✔ जल और वायु प्रदूषण से बचें।
- ✔ कूड़ा-कचरा सही जगह डालें।
- ✔ पशु-पक्षियों का सम्मान करें।
class 9 hindi chapter 4 MCQ
यहाँ NCERT कक्षा 9 हिन्दी – अध्याय 4 के प्रमुख प्रश्न–उत्तर एकत्रित रूप से दिए गए हैं — दोनों प्रमुख पाठ्यपुस्तकें क्षितिज और कृतिका के लिए 👇
📘 1) क्षितिज – अध्याय 4 – साँवले सपनों की याद
(इस पाठ में प्रसिद्ध पक्षी-विज्ञानी सालिम अली के जीवन और उनके सपनों का वर्णन है)
प्रश्न 1. किस घटना ने सालिम अली के जीवन की दिशा बदल दी?
उत्तर: बचपन में एक दिन उनकी एयरगन से गौरैया घायल हो गई। उसे बचाने के बाद उनका पक्षियों के प्रति प्रेम जागृत हुआ, और वे बाद में प्रसिद्ध बर्ड-वाचर बने।
प्रश्न 2. सालिम अली ने पर्यावरण के प्रति अपनी चिंता क्यों जताई?
उत्तर: वे पक्षियों को बचाने के साथ प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण के खतरों को लेकर भी गंभीर थे, जिससे उनकी चिंता व्यक्त होती है।
प्रश्न 3. इस पाठ का शीर्षक ‘साँवले सपनों की याद’ क्या दर्शाता है?
उत्तर: यह सालिम अली के उन सपनों की ओर संकेत है जो उन्होंने पक्षियों के जीवन को सुरक्षित करने के लिए देखे थे और जो आज भी याद आते हैं।
प्रश्न 4. आप पर्यावरण संरक्षण के लिए क्या योगदान दे सकते हैं?
उत्तर:
- ✔ पेड़-पौधे लगाएँ।
- ✔ प्लास्टिक उपयोग कम करें।
- ✔ जल और वायु प्रदूषण रोकें।
- ✔ दूषित कचरे का उचित निपटारा करें।
sawle sapno ki yaad class 9 question answer short answer | ‘साँवले सपनों की याद’ – अति लघु प्रश्न-उत्तर
प्रश्न 1: सालिम अली की मृत्यु किस बीमारी से हुई थी? उत्तर: सालिम अली की मृत्यु कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के कारण हुई थी।
प्रश्न 2: सालिम अली के गले में हमेशा क्या लटका रहता था? उत्तर: उनके गले में हमेशा एक दूरबीन लटकी रहती थी, जिसका प्रयोग वे पक्षियों को निहारने के लिए करते थे।
प्रश्न 3: सालिम अली का “अंतिम सफर” अन्य सफरों से कैसे अलग था? उत्तर: अन्य सफरों से वे वापस लौट आते थे, लेकिन यह उनका अंतिम सफर था जिससे कोई वापस नहीं लौटता। यह उनकी मौत की अंतिम यात्रा थी।
प्रश्न 4: सालिम अली पक्षियों को किस नज़र से देखने के कायल थे? उत्तर: वे पक्षियों को ‘आदमी की नज़र’ से देखने के बजाय ‘प्रकृति की नज़र’ से देखने के कायल थे, ताकि उनकी वास्तविक समस्याओं को समझा जा सके।
प्रश्न 5: ‘लॉरेंस’ कौन थे जिनका जिक्र पाठ में आया है? उत्तर: डी.एच. लॉरेंस अँग्रेज़ी के प्रसिद्ध उपन्यासकार और प्रकृति प्रेमी थे, जिनका जीवन सालिम अली की तरह ही प्रकृति को समर्पित था।
प्रश्न 6: सालिम अली के जीवन की दिशा किस घटना ने बदल दी थी? उत्तर: बचपन में उनकी एयरगन से एक गौरैया घायल होकर गिर गई थी। इस घटना ने उन्हें इतना दुखी किया कि उन्होंने अपना पूरा जीवन पक्षियों की सेवा और खोज में लगा दिया।
सांवले सपनों की याद शीर्षक की सार्थकता पर टिप्पणी कीजिए | sawle sapno ki yaad shirshak ki sarthakta par tippani kijiye
साँवले सपनों की याद’ शीर्षक की सार्थकता को इन संक्षिप्त बिंदुओं में समझा जा सकता है:
प्रतीकात्मक अर्थ: यहाँ ‘साँवले सपने’ उन सुखद यादों के प्रतीक हैं, जो सालिम अली के साथ जुड़ी हुई हैं। ‘साँवला’ रंग धुंधली पड़ती यादों और मृत्यु के बाद छाए हुए शोक को दर्शाता है।
सालिम अली का व्यक्तित्व: सालिम अली ने अपना पूरा जीवन पक्षियों और प्रकृति के ‘सपनों’ को सच करने में बिता दिया। उनकी मृत्यु के बाद वे सपने अब केवल यादों के रूप में शेष रह गए हैं।
जिज्ञासा और रहस्य: यह शीर्षक पाठक के मन में जिज्ञासा पैदा करता है कि वे कौन से ‘साँवले सपने’ हैं और लेखक उन्हें क्यों याद कर रहा है। यह पूरी तरह से सालिम अली के जीवन दर्शन और उनके अधूरे मिशन की ओर संकेत करता है।
संस्मरण विधा: चूँकि यह एक संस्मरण (याद) है, इसलिए ‘याद’ शब्द का प्रयोग उचित है। यह लेखक जाबिर हुसैन के मन में बसी सालिम अली की सुनहरी यादों का दस्तावेज है।
(निष्कर्ष)
निष्कर्षतः, “साँवले सपनों की याद” पाठ हमें प्रकृति, पक्षियों और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनना सिखाता है। डॉ. सालिम अली का जीवन यह प्रेरणा देता है कि सच्चा समर्पण व्यक्ति को महान बना देता है
इस पोस्ट में दिए गए साँवले सपनों की याद प्रश्न-उत्तर (Class 9 Hindi Kshitij Chapter 4) विद्यार्थियों को परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने में मदद करेंगे। यदि आप NCERT Hindi Solutions की विश्वसनीय और सरल सामग्री खोज रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए पूर्ण रूप से उपयोगी है।
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